छात्रवृत्ति घोटाला: छत न दीवार फिर भी आलीशान कोठी-कॉलेजों के मालिक बन गए घोटालेबाज
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दिलीप कुमार यादव / मफतलाल अग्रवाल
मथुरा, करीब दो दशक तक खुले आसमान या एक दो कमरे में अथवा किराए के भवनों में गुजर बसर कर ट्यूशन,कोचिंग संस्थान चलाने वाले शिक्षा माफिया नकल और छात्रवृत्ति घोटाले के चलते चंद सालों में आलीशान कोठी और कॉलेजों के मालिक बनकर बड़े शिक्षा विद बन गए।जिनकी कुंडली खंगालने के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सका। जिससे उनको अब दिन में ही चंदा तारे नजर आने लगे हैं।
तीन लोक से मथुरा न्यारी है चर्चित कहावत छात्र वृत्ति घोटाले पर सटीक बैठती है। यह मसला दो साल पहले शासन में भी चर्चा का विषय बन गया।उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की मौजूदगी वाली मीटिंग जिसमें सूबे के विश्वविद्यालयों के कुलपति भी मौजूद थे दौरान एक अफसर ने मथुरा का नाम आते ही कह दिया कि एक संस्थान का निरीक्षण करने पहुंचे तो पता चला कि जिस खसरे में संस्थान होना चाहिए था वहां जुता हुआ खेत मिला। संस्थान कहीं नहीं मिला। एक संस्थान के कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर उक्त जानकारी दी। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन कानपुर के जांच दल को मथुरा में 153 में से 23 एैसे संस्थान मिले जो मानक के विपरीत प्रोफेशनल कोर्स संचालित कर रहे थे। वास्तविक संख्या से ज्यादा छात्र दर्शाकर घपला कर रहे थे। एक ही व्यक्ति अनेक संस्थान के प्रबंधक बने हुए थे। जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए थे जिसमें गोवर्धन क्षेत्र के सिद्ध विनायक महाविद्यालय में आधा दर्जन कमरों की छत पर टीन पड़ी मिली। इसका खुलासा जांच में तत्कालीन एसडीएम संदीप वर्मा ने भी किया लेकिन टीन की छत में मान्यता कैसे दे दी और फिर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यह एैसे सवाल हैं जो भ्रष्टाचार की चर्म सीमा को बयां करते हैं। इस कालेज में किसानों की सिंचाई की गूल दबा ली। तहसीलदार गोवर्धन ने गूल खोदने को 166-167 की कार्रवाई के लिए आदेश भी किए लेकिन अगले दिन ही एक पक्षीय आदेश को रिकाल कर निष्प्रभावी कर दिया। शिकायतकर्ता दीपचंद एडवोकेट का आरोप है कि अधिकारियों की मिली भगत से ही घपलेबाजी होती है और दोषी सालों तक बचे रहते हैं।
2015-16 से 2019-20 के समय के छात्र वृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले की जांच चार साल में पूरी होकर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने गत दिनों कानपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभी आरोपितों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया के बाद पता चलेगा कि घोटालेबाजों के धन-बल, दबाव और प्रभाव के आगे विस्तृत जांच का इंजन किस रफ्तार से दौड़ पाएगा। 24 अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी एफआईआर हुई है। इससे हड़कंप मचा हुआ है।
गुंडागर्दी से भी गुरेज नहीं करते शिक्षा माफिया
उल्लेखनीय है कि छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे अनेक संस्थान मानकों को ताक पर रखकर बेशुमार दौलत बटोरने के लिए क्षमता और मानकों को ताक पर रखकर कोर्स संचालित कर रहे हैं। उनकी अनियमितताओं को जिम्मेदार अधिकारी धन-बल और राजनीतिक दबाव में अनदेखा करने को मजबूर रहते हैं। अपने हितों पर कुठाराघात होने की दशा में कुछ शिक्षा माफिया तो गुंडयी पर भी उतरते रहे हैं। इन शिक्षा माफियाओं को मान्यता देने वाले विश्वविद्यालय अनियमितताओं में इजाफे को खास जिम्मेदार हैं।
-धनबल के दम पर ही चार साल अटकी रही जांच और कार्रवाई
विभागीय अधिकारी धन-बल और राजनीतिक दबाव में जांचों में सतत् रूप से लीपापोती करते रहे। लेकिन शिकायतकर्ता एक विधायक होने तथा लगातार पैरब्बी करने के चलते छात्र वृत्ति डकारू संस्थान व जिम्मेदार अधिकारी दोषमुक्त नहीं हो पाए। आखिरकार उन सभी पर अभियोग पंजीकृत होने की गाज गिर ही गई। देखने वाली बात यह है कि गजब के प्रभावशाली लोग इस कार्रवाई को परिणति तक पहुंचने तक किस किस तरह के हथकंडे अपनाते हैं।
-केआर एलटी कालेज व पीएमसी पालीटेक्निक पर भी एफआईआर
किशोरी रमण शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालय मथुरा के पटल सहायक सुधाकर शर्मा, पी एम बी पालीटेक्निक मथुरा के प्रधानाचार्य डा. वीर सिंह के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई है। रिपोर्ट मृतकों के नाम भी शामिल
गिरिराज महाराज इंस्टिट्यूट मथुरा के सचिव के नाते तथा पी जी एस नेशनल कॉलेज ऑफ़ ला मुडेसी के मैनेजर के लिहाज से डा. जी पी शुक्ला के खिलाफ एफआईआर हुई है। गिरिराज महाराज कॉलेज मथूरा के रजिस्ट्रार राम कुमार शर्मा, गिरिराज महाराज पालीटेक्निक रजिस्ट्रार उक्त, किशन प्यारी शुक्ला कालेज मुडेसी, पूरन गोपाल शुक्ला एकेडमी मथुरा, पूरन गोपाल शुक्ला नेशनल कॉलेज ऑफ़ ला की अनियमितताओं में रजिस्ट्रार रामकुमार शर्मा के खिलाफ एफआईआर हुई है।
-संस्कृति ग्रुप छाता के 12 कालेज में घोटाला
इसी तरह संस्कृति ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के 12 कालेज छात्र वृत्ति घोटाले में संलिप्त पाए गए। सभी कालेजों में गड़बड़ी के लिए केवल रजिस्ट्रार रविन्द्र नाथ त्रिवेदी के नाम एफआईआर हुई है।
-बाबूलाल महाविद्यालय गोवर्धन के तीन कालेजों में गड़बड़ी पर प्रबंधक नंदकिशोर शर्मा के खिलाफ एफआईआर हुई है ।
-उन्नति ग्रुप फरह के चार कालेज में घाटाले हुए । चेयरमैन एस के कौशिक के खिलाफ एफआईआर हुई है।
इसी तरह मांट विधान सभा क्षेत्र से लगातार 08 बार के विधायक रहे एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्याम सुंदर शर्मा के पिता स्वतंत्रता सेनानी रहे स्व. प. लोक मणि शर्मा के नाम पर संचालित लोक मणि शर्मा महा विद्यालय बाघर्रा नौहझील के संचालक योगेश शर्मा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विशेष रिपोर्ट क्रमशः जारी ...
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