खाकी वर्दी पहन के घूमे, उनका नाम पुरंदर है
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सुरीर ( मथुरा) ब्रज चौरासी कोस यात्रा में सारथी परिवार द्वारा हास्य कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यकम में श्रद्धालु झूम उठे।
कला,साहित्य,धर्म संस्कृति के पर प्रचार प्रसार में जुटी संस्था सारथी परिवार 84 कोस परिक्रमा मार्ग स्थित कस्बा सुरीर मे आयोजित कवि सम्मेलन हास्य सम्राट सबरस मुरसानी ने कुर्सी में नेता समाय गयो, पूरे देश लूट को खा गयो.. प्रस्तुत कर वाही वाही लूटी, दिल्ली से आयी राष्ट्रीय ओज कवियत्री नेहा शर्मा नमन ने देश के वीर सैनिकों को समर्पित कविता
नमो-नमो अरिहंतानम का, एक उपनाम दिगम्बर है।
खाकी वर्दी पहन के घूमे, उनका नाम पुरंदर है।
भारत के दुश्मन को चुन-चुन, जो जहन्नुम में पहुँचा दे। सादी वर्दी वाले वीरो का एक नाम धुरंधर है...प्रस्तुत कर सबका दिल जीत लिया विदिशा से आए संतोष सागर ने ब्रज संस्कृति , इंदौर से हास्य बाल कवि वेद पस्तौर ने आज के आधुनिक नारी पर जमकर हास्य के तीर छोड़े। इसके अलावा मेरठ की रचना गोस्वामी, बाबूलाल डिंगिया बयाना, राकेश शर्मा आगरा ने काव्य पाठ किया। संचालन सोमदत्त व्यास जयपुर ने किया। कवि सम्मेलन से विकास एंड ग्रुप अलीगढ़ द्वारा महाराजा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर प.नमन शर्मा दिल्ली, धनंजय तिवारी बिहार, ठाकुर बिहारी सिंह, कृष्ण कुमार सेठ, बिंदा सिंह,पुनीत शर्मा,कपिल शर्मा, गीता देवी, काजल देवी आदि उपस्थित थे।सारथी परिवार के सचिव मफतलाल अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।



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