कवियों ने किया साहित्य संस्कृति सेवियों का सम्मान
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मथुरा, कला,साहित्य सांस्कृतिक कर्मियों के प्रोत्साहन लिए कार्य कर रही सारथी परिवार एवं आकाशवाणी के निदेशक का हाथरस के प्रमुख साहित्यिक संस्थाओं ने सम्मानित किया।
हाथरस की प्रमुख साहित्यिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हाथरस के दाऊजी मेला तथा अन्य अवसरों पर साहित्यिक सांस्कृतिक मंचों के कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार रिकार्डिंग में विगत कई वर्षों से अहम भूमिका निभाने एवं सहयोग प्रदान करने के लिए प्रसार भारती मथुरा के कार्यवाहक निदेशक कार्यक्रम देवेन्द्र सारस्वत को सम्मानित किया श्री सारस्वत ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि यह सम्मान मेरा नहीं बल्कि प्रसार भारती की हाथरस को प्रदान सेवाओं का सम्मान है।इस सम्मान से प्रसार भारती का पूरा स्टाफ गौरवान्वित है।उन्होंने भविष्य में पूरा सहयोग प्रदान करने का वायदा किया। उन्होंने कहा कि हाथरस में पंडित नथाराम गौड जयन्ती समारोह हो या फिर मेला दाऊजी महाराज सभी प्रकार के कवि सम्मेलनों एवं अन्य अनेकों कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग/प्रसारण लगभग 30 बर्षों से निरन्तर करने से हाथरस की साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों से आकाशवाणी से जुडाव रहा है। हाथरस में पूरा स्नेह आदर तो मिलता है परन्तु साहित्य साहित्य सेवा में अर्थ सहयोग करने बालों की संख्या में गिरावट आई है यह चिन्ता का विषय है। जिस तरह प्रसार भारती का जो सहयोग हाथरस के लिए रहा है वह आगे भी जारी रहेगा।
कवि सम्मेलन के क्षेत्र में हाथरस सहित पूरे देश मे कवियों ,साहित्यकारों को मंच एवं समय समय पर आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए साहित्य मंच देने प्रदान करने के लिए सारथी परिवार के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन ,उपजा मथुरा के जिलाध्यक्ष मफतलाल अग्रवाल को भी सम्मानित किया गया। श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हाथरस की संस्थाओं व्दारा प्रदत्त सम्मान से सारथी परिवार हाथरस के साहित्यिक मंचों की सराहना कर अविभूत है।उन्होंने कहा कि हाथरस दाऊजी मेला के गंगा जमुनी मुशायरा,बृज भाषा कवि सम्मेलन, कवयित्री सम्मेलन तथा अन्य कार्यक्रमों को हम बिषबाण चैनल के व्दारा प्रदर्शित करते हैं।इन कार्यक्रमों को पूरे देश से बहुत अच्छा सर्मथन मिलता है दर्शक बहुत पसंद करते।जिससे कवियों,साहित्यकारों को मंच मिलने के साथ साथ रोजगार भी मिलता है। उन्होंने कहा कि हाथरस में भी साहित्यकारों का उन्हें पूरा स्नेह मिलता है जिसके कारण सारथी परिवार प्रति वर्ष दाऊजी मेला में कवि सम्मेलन कराने में सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि हाथरस के साहित्य प्रेमी सरकारी बजट मामूली होने के बाबजूद भी इनके संयोजक आशु कवि अनिल बौहरे, चन्द्रगुप्तविक्रमादित्य, मीरा दीक्षित अपने सहयगीयों के सहयोग से शानदार संयोजन कर लेते हैं।
यदि इनका बजट बढे तो और ज्यादा कार्यक्रम और प्रभावी हो सकते हैं। साहित्यिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सहयोग के लिए देवेन्द्र सारस्वत तथा मफतलाल अग्रवाल का सम्मान बृज कला केन्द्र राष्ट्रीय सचिव आशु कवि अनिल बौहरे,राष्ट्रीय कवि संगम प्रभारी कवयित्री मनु दीक्षित तथा संस्कार भारती जिलाध्यक्ष चेतन प्रकाश उपाध्याय ने दुपट्टा पहनाकर मिष्ठान तथा उपहार भेंट करके किया।इस अवसर पर
आशु कवि अनिल बौहरे ने कहा-
जो साहित्य मंच की करते सेवा,
मां सरस्वती कृपा पाते हैं मेवा।
कवयित्री मनु दीक्षित ने पढा
गलत कार्य करे,तो कवि की ललकार है।
काव्य मंच सेवियों का समाज में सम्मान है।
चेतन उपाध्याय ने पढा
साहित्य सेवा पुण्य का काम है,
जिसने की जग में बड़ा नाम है।
इस अवसर पर अनेक समाज सेवी उपस्थिति थे।



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