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मफतलाल अग्रवाल 
मथुरा।  शहर में अवैध खनन ने भले ही तीन लोगों की जिंदगी छीनने के बाद पुलिस प्रशासन सख्त नजर आ रहा हो। लेकिन खनन का ये खेल सड़कों के लिए भी काल बनता जा रहा है। जिससे लोक निर्माण विभाग को करोड़ों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।       जनपद में अवैध खनन के खेल ने एक बार फिर तीन लोगों की जिंदगी छीन ली है और अफसरों ने मुख्य आरोपी सुनील चैन पर 25 हजार का इनाम घोषित कर ठेकेदार सहित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन जनपद में वैध हो या अवैध खनन आम जनता के लिए ही नही सड़कों के लिए भी काल साबित हो रहा है। जनपद में तथाकथित मिट्टी खनन की परमिशन के बाद जिले के ग्रामीण अंचल से लेकर महानगर की सड़कों पर  ट्रैक्टर ट्रॉलियों,डंपरों से दिन - रात हो रही मिट्टी की ढुलाई से लोक निर्माण विभाग को करोड़ों का नुक़सान हो रहा है लेकिन विभागीय अधिकारी सोये पड़े हैं। हलकों के कर्मचारी भी आंख बंद किए हुए हैं। यह हाल समूचे जिले का है।
विकास कार्यों के लिए मिट्टी भी बेहद जरूरी है। अवैध खनन में कभी महावन‌ तो कभी मांट क्षेत्र सहित  अन्य तहसीलों में धर पकड़ होती रही है लेकिन वैध खनन यानी परमीशन पर खनन के मानकों को कौन देखे। गोवर्धन क्षेत्र के गांव अड़ींग के निकट पीतमगढ़ में महीनों से मिट्टी का खनन चल रहा है। ज्यादातर मिट्टी 12-14 किलोमीटर दूर मथुरा जा रही है। रात ही नहीं मिट्टी दिन भर चलती है। खनन का पट्टा लेने वाले सड़क पर धूल को उड़ने से बचने के लिए टेंकर से पानी का छिड़काव भी कराते हैं लेकिन सड़क का क्या करें। या तो सड़क बनते समय गुणवत्ता ठीक नहीं रही या फिर भारी भरकम  डंपरों की रात दिन की दौड़ ने सड़क की ऊपरी परत का बक्कल उधेड़ दिया है। अड़ींग नहर पुल , झाल के पास से लेकर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। तेज तर्रार ट्रेनी आईपीएस गोल्डी गुप्ता भी गोवर्धन थाने में रहने के दौरान खनन पर अंकुश नहीं लगा पाए। मानकों के अनुपालन का काम खनन विभाग का है। वह भी राजनैतिक दबाव में इस ओर से आँखें बंद किए हुए हैं ।
खनन से जुड़े जानकार सूत्र बताते हैं कि डेढ़ किलोमीटर की सड़क बनाने के खर्च के आगे खनन का शुल्क बेहद कम है। इधर बरसात शुरू होने के साथ ही इस सड़क से गुजरने वाले ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो हो गया है। राया क्षेत्र में भी मिट्टी खनन में लगे एक डंपर से कुचलकर एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इस संबंध में 
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अजय कुमार सिंह ने बताया कि अड़ींग के निकट पीतमगढ़ गांव में चल रहे खनन में ओवर लोडिंग रोकने को एसडीएम गोवर्धन को दो तीन बार पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि वह सड़क पर जाने से किसी को नहीं रोक सकते।
करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि डैमेज का स्तर क्या है वह जांच कराएंगे। प्रति किलोग्राम पुनर्निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि नुकसान के हिसाब से 10 से 25 लाख का खर्च आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क के नुकसान को बचाने का काम परमीशन देने वाले खनन विभाग तथा प्रशासन का है फिर भी वह जांच कराएंगे।दूसरी तरफ खनन अधिकारियों से संपर्क किया गया तो वार्ता नही हो सकी।

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